Wednesday, 6 March 2019

ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय ने भूकंप पीड़ितों की मदद को नेपाल भेजे 50 हजार

ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय ने भूकंप पीड़ितों की मदद को नेपाल भेजे 50 हजार

Dainik Bhaskar

May 16, 2015, 03:05 AM IST

Pathankot News - पठानकोट | प्रजापिताब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय पठानकोट केन्द्र की ओर से शुक्रवार को नेपाल में भूकंप...

पठानकोट | प्रजापिताब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय पठानकोट केन्द्र की ओर से शुक्रवार को नेपाल में भूकंप पीड़ितों के लिए 50 हजार रुपए की सहायता राशी भेजी गई। यह राशी माउंट आबू से आए भगवान भाई को केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी सत्या बहन ने दी। सत्य बहन ने बताया कि माउंंट आबू से तीन रेल की बोगियां राहतसामग्री भी भेजी गई है। इसमें वाटर प्रूफ टेंट, कंबल, खाद्य सामग्री, दवाइयां तथा कपड़े भेजे जा चुके हैं। राहत कार्यों के लिए डाक्टर और सेवा कर्मचारी भी नेपाल भेजे गए हैं। सत्य बहन ने कहा कि ऐसी आपदा पर हमें एक दूसरे के साथ सहायता करनी चाहिए। इस सेवा के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आकर नेपाल के पीड़ितों की मदद करनी चाहिए। इस मौके पर प्रताप सिंह, सुदेश सरना, अनूप, बलदेव राज, कांता महाजन, प्रभा, कृष्णपाल, उदय सिंह, राहुल, कमल, अविनाश, जुगल किशोर मौजूद रहे। 

छात्राओं को बताया नैतिक मूल्यों का महत्त्व

छात्राओं को बताया नैतिक मूल्यों का महत्त्व

Dainik Bhaskar

Apr 09, 2018, 02:55 AM IST

Chittorgarh News - चित्तौड़गढ़ | आदर्श समाज में नैतिक, सामाजिक मूल्य और आध्यात्मिक मूल्य प्रचलित होते हैं, जिससे बेहतर जीवन जीने के...

छात्राओं को बताया नैतिक मूल्यों का महत्त्व
चित्तौड़गढ़ | आदर्श समाज में नैतिक, सामाजिक मूल्य और आध्यात्मिक मूल्य प्रचलित होते हैं, जिससे बेहतर जीवन जीने के लिए मार्गदर्शन मिलता हैं। नैतिक मूल्यों की धारणा से ही मानव मन की आंतरिक शक्तियों का विकास होता हैं। यह बात प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू से आए हुए ब्रह्मकुमार भगवान भाई ने सेंती सेगवा हाउसिंग बोर्ड स्थित श्रीआसरा विकास संस्थान की छात्राओं एवं शिक्षकों को जीवन में नैतिक शिक्षा विषय की वार्ता पर बोलते हुए कही। 

भगवान भाई ने कहा कि नैतिक मूल्यों के आधार से ही अपने कमजोरियों का हम सफलता पूर्वक सामना कर नकारात्मक बातों पर जीत प्राप्त कर सकते हैं। नैतिक मूल्यों का महत्व बताते हुए सामाजिक समस्या, परेशानी का सामना करने के लिए मूल्यों की आवश्यकता होती हैं। उन्होंने नैतिक शिक्षा का महत्व भी बताया। बह्माकुमारी राजयोग सेवा केंद्र की बह्माकुमारी अनिता ने राजयोग का महत्व बताया। संस्था की शकीरा बानू ने कहा कि अगर मानवीय मूल्यों का ह्रास हुआ तो दुनिया में विपत्ति आ सकती हैं। स्थानीय ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी विनायक वानखेडे ने कहा कि अवगुण हमारे शत्रु हैं। संस्थान के कार्यकर्ता उषा गोस्वामी, हेमलता बकोलिया व कमलाकुमारी नाजिया भी मौजूद थे। 

आसरा विकास संस्थान में हुए कार्यक्रम में बीके भगवान भाई ने कहा 

बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए भौतिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक शिक्षा भी आवश्यक

Publish Date:Tue, 09 May 2017 04:18 PM (IST)
अपराध मुक्त समाज को चरित्रवान होना जरूरी
रुद्रप्रयाग : सरस्वती विद्या मंदिर बेलनी में छात्रों एवं शिक्षकों के जीवन में नैतिक शिक्षा का महत्व
रुद्रप्रयाग : सरस्वती विद्या मंदिर बेलनी में छात्रों एवं शिक्षकों के जीवन में नैतिक शिक्षा का महत्व विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें व्यावहारिक ज्ञान एवं अन्य बातों के लिए प्रेरणा की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा अपराध मुक्त समाज के लिए चरित्रवान होना जरूरी है।
कार्यशाला में ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू के राजयोगी ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने कहा कि बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए भौतिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक शिक्षा भी आवश्यक है। जो शिक्षा विद्यार्थियों को अंधकार से प्रकाश की ओर, असत्य से सत्य की ओर एवं बंधनों से मुक्ति की ओर ले जाए, वही असली शिक्षा है। अपराध मुक्त समाज के लिए संस्कारित शिक्षा जरूरी है। कहा कि गुणवान व चरित्रवान बच्चे ही देश की सच्ची संपत्ति हैं। ब्रह्मकुमारी ममता बहन ने कहा कि वर्तमान समय कुसंग, सिनेमा, व्यसन और फैशन से युवा पीढ़ी भटक रही है। आध्यात्मिक ज्ञान एवं नैतिक शिक्षा से युवा पीढ़ी को नई दिशा मिल सकती है। विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुकरेती ने व्यसन छोड़ नैतिक मूल्यों को अपनाने की अपील की। कार्यशाला में विद्यालय के शिक्षक एवं छात्र उपस्थित थे।

नैतिक शिक्षा से ही सर्वागीण विकास

नैतिक शिक्षा से ही सर्वागीण विकास

Publish Date:Sat, 11 Jan 2014 09:24 PM (IST)
बोकारो : एमजीएम सीनियर सेकेंड्री स्कूल में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू के राजयोगी ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए नैतिक शिक्षा की आवश्यकता है। नैतिक मूल्यों की कमी व्यक्तिगत, सामाजिक, पारिवारिक, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समस्याओं का मूल कारण है।
कहा कि जो शिक्षा विद्यार्थियों को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाए, असत्य से सत्य मार्ग पर ले जाए और बंधनों से मुक्ति दिलाए, वास्तव में वही ज्ञान है। यदि अपराधमुक्त समाज चाहिए तो मानवीय मूल्यों, नैतिक और आध्यात्मिक शिक्षा के माध्यम से युवाओं को संस्कारित करना होगा। हमारी विरासत हमारे मूल्यों में है। मूल्य की संस्कृति के कारण आज भारत की पहचान पूरे विश्व में है।
इसके पूर्व प्राचार्य फादर जैकब थॉमस ने आगंतुकों का स्वागत किया। कहा कि बच्चों को नैतिक शिक्षा के माध्यम से संस्कारित करने का काम किया जा रहा है। शैलेश भाई एवं फादर बीनोज ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती पूनम झा ने किया। मौके पर बीके तेजप्रताप, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

आध्यात्मिक जीवन से शिक्षा में आएगी नई दिशा : भगवान भाई

आध्यात्मिक जीवन से शिक्षा में आएगी नई दिशा : भगवान भाई

Publish Date:Tue, 24 Nov 2015 10:56 PM (IST)
गया। नैतिक मूल्यों से व्यक्तित्व और व्यवहार में निखार आता है। नैतिक मूल्यों का ह्रास ही व्यक्तिगत, स
गया। नैतिक मूल्यों से व्यक्तित्व और व्यवहार में निखार आता है। नैतिक मूल्यों का ह्रास ही व्यक्तिगत, सामाजिक, राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, शारीरिक, मानसिक और आर्थिक समस्याओं का मूल कारण है। अगर समाज में सुधार लाना है, ते नैतिक मूल्यों की आवश्यकता है। उक्त उद्गार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू से आए भगवान भाई ने मंगलवार को यहां केंद्रीय विद्यालय संख्या-2 एवं हंसराज पब्लिक स्कूल में कही।
उन्होंने कहा कि नैतिक शिक्षा की धारणा से आंतरिक सशक्तिकरण से इच्छाओं को कम कर भौतिकवाद की आंधी को कम किया जा सकता है। परिणाम स्वरूप जीवन शैली में सरलता के कारण फालतू खर्चे से बच सकते हैं। नैतिक मूल्य की धारणा के कारण मन का संघर्ष समाप्त होता है। जिससे हम चरित्रवान बन सकते हैं। व्यक्ति का आचरण भी जुबान से तेज बोलता है। लोग जो कुछ आंखों से देखते है। उसकी ही नकल कर बैठते हैं। हमारे जीवन के श्रेष्ठ मूल्यों की धारणा को देख दूसरों में परिवर्तन आ सकता है। जिनमें मूल्यों की धारणा होगी वह लालच, ¨हसा, स्वार्थ, झूठ, कपट, असत्यता का विरोध करेंगे। जिससे समाज में परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि अनैतिक का कर्म शुरू में मीठा लगता है। लेकिन अंत उसका बुरा है। अनैतिकता मनोबल कमजोर बनता है। मुख्य शिक्षण द्वारा ही हम जीवन जीने का कौशल्य प्राप्त कर सकते हैं। इससे ही हम इस भौतिक जगत में भावनात्मक रूप से जीवन जीने में सफल बन सकते हैं। मौके पर केंद्र संचालिका शीला, रांची से आई निर्मला, बी.के.प्रदीप भाई आदि मौजूद थे। इस कार्यक्रम संचालन नूर कम्पाउंड स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में आयोजित की गई।

‘परमात्मा दुखहर्ता और सुखकर्ता है’

‘परमात्मा दुखहर्ता और सुखकर्ता है’

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2014, 04:50 AM IST

Balotra News - बालोतरा. फूल स्वयं की सुगंध से दूसरों को एहसास कराता है, रोशनी अपने आपको जलाकर दूसरों के लिए प्रकाश फैलाती है, वैसे...

‘परमात्मा दुखहर्ता और सुखकर्ता है’
बालोतरा. फूल स्वयं की सुगंध से दूसरों को एहसास कराता है, रोशनी अपने आपको जलाकर दूसरों के लिए प्रकाश फैलाती है, वैसे ही स्वयं का उत्थान करने वाला फूलों की तरह दुनिया को सुगंधित कराता है। राजयोग स्वयं और दूसरों को प्रबंधन करने की अनोखी विधि है। ये उद्गार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू से आए राजयोगी ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने राजकीय नाहटा अस्पताल में जीवन में सत्संग का महत्व विषय पर व्यक्त किए। राजयोगी भगवान भाई ने कहा कि परमात्मा के स्मरण, चिंतन व गुणगान से ही दुखों से छुटकारा मिलता है। उन्होंने कहा कि शिव परमात्मा सदा सर्व के कल्याणकारी, हितकारी और परोपकारी है। परमात्मा दुखहर्ता और सुखकर्ता है। मनुष्य अपने ही कर्मों के अनुसार दुख और सुख प्राप्त करता है। उन्होंने बताया कि जैसा कर्म हम करते हैं, वैसा ही उसका फल पाते हैं। 
सत्संग के माध्यम से कर्म श्रेष्ठ करने का मार्गदर्शन मिलता है। जिसे हम कर्मों को महान बनाकर जीवन को सुखमय आनंदमय बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आपसी सौंदर्य, सहानुभूति एवं सद्भावना के लिए सामाजिक, पारिवारिक झगड़ों को समाप्त करने के लिए आपसी आत्मीय संबंध के नाते की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि परमात्मा के सत्य परिचय के बिना आत्म स्वरूप में टिकना संभव नहीं है। स्थानीय ब्रह्माकुमारी केंद्र की बीके उमा बहिन ने कहा कि वर्तमान में बढ़ती अशांति, दुख व तनाव से मुक्ति का एकमात्र सहारा परमपिता परमात्मा शिव है। उन्होंने कहा कि परमात्मा के शरण में जाने से ही काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार आदि विकार पर जीत प्राप्त करने की शक्ति मिलती है। मनुष्य के अंदर के मनोविकार ही पतन की जड़ है। आत्मज्ञान और परमात्म ज्ञान की ओर से विकार जीत बन पाएंगे। उन्होंने परमात्मा को याद कर शक्ति प्राप्त करने की राजयोग की विधि बताते हुए कहा कि चांद, सूर्य, तारांगण से पार परमधाम में रहने वाले परमात्मा को मन बुद्धि को याद करना, उनके गुणों का गुणगान करना ही राजयोग है। उन्होंने कहा कि राजयोग से हम अपने मन को शक्तिशाली बनाकर नकारात्मक बातों से बचा सकते हैं।

उन्होंने कहा राजयोग ही तनाव मुक्त बनने की संजीवनी बूटी है। कार्यक्रम के अंत में सभी मरीजों के लिए फल और ईश्वरीय संदेश के पर्चे भी बांटे गए।

अभिमान वाला व्यक्ति सदा तनाव में रहता है : भगवान भाई

अभिमान वाला व्यक्ति सदा तनाव में रहता है : भगवान भाई

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2018, 02:50 AM IST

Pathankot News - प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ढांगू रोड स्थित आश्रम में संचालिका बहन सत्या की अध्यक्षता में...

Pathankot - a person with pride stays in constant tension lord bhai
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ढांगू रोड स्थित आश्रम में संचालिका बहन सत्या की अध्यक्षता में कार्यक्रम किया गया। इसमें माउंट आबू राजस्थान से पधारे राजयोगी ब्रह्मकुमार भाई भगवान ने प्रवचन करते हुए कहा कि स्वयं के गुणों की विशेषता व कलाओं का धन का और पद का अभिमान ही मनुष्य के पतन का कारण बनता हैँ। अभिमान वाला व्यक्ति सदा तनाव में रहता हैं जिसके कारण वह अनेक गलतियां कर बैठता हैं।उन्होंने कहा कि आत्मा उन्नति का आधार आध्यात्मिक विषय पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय मनुष्य स्वयं के सच्चे अस्तित्व को भुलने के कारण वह सदा देह अभिमान मे रहता हैं। देह अभिमान के कारण ही वह काम क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईष्या, घृणा, नफरत, मनोविकारों के वश हो गया हैं। उन्होंने बताया कि वास्तव में हम सभी का असली स्वरूप आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि राजयोग द्वारा इंद्रियों पर काबू पाया जा सकता हैं। राजयोग से अति इन्द्रिय सुख की प्राप्ति होती हैं। जिस से संसार के वस्तु वैभव का भौतिक सुख फीका लगने लगता हैं। इस अवसर पर प्रताप, सुधीर चड्डा, शिव कुमार, ब्रदीनाथ मौजूद थे। 

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित भगवान भाई, बहन सत्या व अन्य।