5000 स्कूल कॉलेजो में और 800 जेलों कारागृह में नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया है जिससे इनका नाम इंडिया बुक रिकार्ड में दर्ज है ब्रह्माकुमारीज़ माउंट आबू में ईश्वरीय सेवा में 35 वर्षो से समर्पित है.
Thursday, 21 February 2019
Tuesday, 19 February 2019
Monday, 18 February 2019
कारागृह आपके जीवन में परिवर्तन लाने का है केन्द्र:- राजयोगी ब्रह्माकुमार भगवान भाई
कारागृह आपके जीवन में परिवर्तन लाने का है केन्द्र:- राजयोगी ब्रह्माकुमार भगवान भाई
Rashmi Sushil 0 Comments bihar, kangal, karagrih jeevan parivartan ka kendra, manush ka karm,prajapita bramhkumari, samastipur, sansar
रमेश शंकर झा
समस्तीपुर बिहार।
समस्तीपुर बिहार।
समस्तीपुर:- जिले के प्रजापिता ब्रह्माकुमारी में कर्मो की गति बड़ी गुह्य है कर्मो के आधार पर ही यह संसार चलता है, कर्माे से ही मनुष्य महान बनता है कर्मो से ही कंगाल बनता है। उक्त बातें प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू से आये राजयोगी ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने कहीं । वे रविवार को मंडल कारागार में बंदीयों को संस्कार परिवर्तन एवं व्यवहार शुद्धि विषय पर संबोधित कर रहे थे। भगवान भाई ने कहा कि मनुष्य का जीवन बड़ा ही अनमोल है उसे व्यर्थ कर्मों में लगा कर व्यर्थ में नहीं गंवाना चाहिये।

वास्तव में मनुष्य की गलतियां ही उसे सही रूप में इंसान बनाती हैं। केवल हमें गलतियों को स्वयं ही महसूस कर उसे अपने अंदर परिवर्तन करने की आवश्यकता है। उन्होने आगे बंदियों को बताया कि यह कारागृह आपके लिये परिवर्तन केन्द्र है जिसमें एकांत में बैठकर स्वंय के बारे में सोचना है कि मैं इस संसार में क्यों आया हूँ मेरे जीवन का क्या उद्देश्य है भगवान ने मुझें किस उद्देश्य से इस संसार में भेजा है मैं यहां आकर क्या कर रहा हूँ वास्तव में मुझे क्या करना चाहिये ऐसा चिंतन कर अपने व्यवहार और संस्कारों में परिवर्तन ला सकते है।कर्मो से ही मानव तरता एवं कर्मो से ही वह डूबता है। उन्होने बताया कि कोई भी मनुष्य जन्मते अपराधी नही होता इस संसार में आने के बाद गलत संगत, गलत शिक्षा, व्यसन, नशा, काम ,क्रोध, लोभ ,लालच आदि बुराईयों के कारण ही अपराधी बन जाते है। गलत कर्म ही मनुष्य को दुष्प्रवृति वाला बनाता है। उन्होने बताया कि जीवन में अपराध होेेने पर मनुष्य को कारगृह में लाया जाता है इसलिए यह कारागृह नही बल्कि सुधार गृह है। आपको अपने आप में सुधार लाने हेतु यहां रखा है। उन्होने कहा कि गलतियों का चिंतन कर तनाव मे जाने के बजाय उसमें बदलाव लाना जरूरी है। उन्होने कहा कि तनाव में आने से अनेक शारीरिक बीमारियां होने की संभावना होती है।

तनाव से दूर रहने के लिए गीता का महावाक्य सदा याद रखो कि जो हुआ वह अच्छा है, जो हो रहा वह अच्छा,जो होने वाला है वह और अच्छे से अच्छा होगा। भगवान भाई ने कहा कि जीवन की समस्या कुछ पिछले जन्मों के गलत कर्मो के कारण भी आती है इसलिए कर्मो को श्रेष्ठ बनाने का प्रयास करे। ब्रह्माकुमारीज् की सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी सविता बहन ने बंदी भाईयों को संबोधित करते हुये कहा कि हमारे कर्म बीज की तरह है जिस प्रकार बीज से पौधा निकलने में ,वृक्ष बनने में फल लगने में समय लगता है उसी प्रकार हमारे कर्म रूपी बीज का फल में हमें अवश्य प्राप्त होता है। किसी कर्म का जल्द परिणाम प्राप्त होता है तो किसी कर्म का फल आने में समय लगता है इसलिए यदि हम अपने भविष्य को सुनहरा एवं सुख,शांति से सम्पन्न करना चाहते है तो हमें औरो को भी खुशी और सुख देकर कर्मो के श्रेष्ठ बीज बोने चाहिये। यदि हम कर्म के इस सिंद्धात को समझ ले तो हमारा जीवन खुशनुमा बन जायेगा। भगवान भाई ने बताया कि अपने आसुरी वृत्तियों को परिवर्तन करने के लिए आध्यत्मिकता की आवश्यकता है। उन्होनें बताया कि हम स्वयं को भूले ,अपने पिता परमात्मा को भूले,कर्मो के परिणाम को भूले जिस कारण गलतियों हो जाती है।

उन्होने बताया कि हम सभी आत्मा भाई भाई एक निराकार परमपिता परमात्मा के बच्चे है। चांद ,सूर्य, तारागण के पार से इस दुनियां में आये है जब इन बातो की स्मृति रहेगी तो हमारे द्वारा अपराध नही होगे। काम, क्रोध ,लोभ ,मोह, अहंकार मनोविकार हमारे दुश्मन है इन पर जीत पाना है। अगर हम कोई भी मजबूरी को परीक्षा समझकर उसे धैयता और सहन शीलता से पार करते है तो अने दुःख और धोखे से बच सकते है। उन्होने कहा कि अब जीवन में परिवर्तन लाकर हमें श्रेष्ठ चरित्रवान बनने का लक्ष्य रखना है। तब कारागृह आपके लिए सुधार गृह साबित होगा। उन्होने कहा कि जीयो और जीने दो का संदेश देते हुये कहा कि आज के दिन पर सभी बंदी भाईयो से व्यसन, नशा, बुराई और अनेक कुरीतियों से भी स्वतंत्र बनने के लिये प्रतिज्ञाये भी कराई और उन्हें अच्छा इन्सान बनने की शुभ कामनाऐं दी। जेल अधीक्षक नन्द किशोर रजक ने ब्रह्माकुमारीज् द्वारा बिगड़े हुय मानव को फिर से सुधारने के इस अभियान की सराहना करते हुये कहा कि अब भगवान ने आपको सुधरने का मौका दिया है।
मानवता के विकास के लिए नैतिक शिक्षा अनिवार्य: बीके भगवान भाई
मुजफ्फरपुर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विवि के देश में ही नहीं बल्कि विदेशो में भी हजारों की संख्या में ध्यान केंद्र स्थित हैं. इसका मुख्य ध्यान केंद्र राजस्थान के पवित्र स्थल आबू पर्वत में स्थित हैं. यह संस्था प्रतिदिन शिक्षा, समृद्धि, ज्ञान, शांति, पवित्रता, ध्यान, आत्मचिंतन जैसे मानवीय गुणों से सम्बंधित कार्यक्रमों का आयोजन कराती हैं. ऐसा ही एक कार्यक्रम कल मुजफ्फरपुर में मुख्य ध्यान केंद्र आबू से पधारे राजयोगी भगवान भाई के सानिध्य में हुआ.
राजयोगी ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने बताया कि शिक्षा का मूल उद्देश्य मानव के संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास करना है. एवं इसके लिए हमें पहले मूल्य शिक्षा की आवश्यकता है. ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने उक्त बात शुक्रवार को किड्स कैंप इंटरनेशनल स्कूल की नरौली शाखा में नैतिक शिक्षा पर आयोजित कार्यक्रम में कही. उन्होंने आगे बताया कि जीवन में कार्यकुशलता, व्यावसायिक दक्षता, बौद्धिक विकास एवं विभिन्न विषयों के साथ आपसी स्नेह, सत्यता, पवित्रता, अहिंसा, करुणा, दया आदि मानवीय मूल्यों के पाठ भी विद्यार्थियों को पढ़ना जरूरी है.
ब्रह्माकुमार राजेंद्र भाई ने बताया कि नैतिक मूल्यों के आचरण से हम आदर्श बन सकते हैं. अगर हमने मूल्यों की धारणा को आवश्यक समझा तो हमारा जीवन अवश्य सफल बनेगा. विद्यालय के प्राचार्य चेताली दास ने बच्चों को श्रेष्ठ आचरण के लिए बुरी संगति से दूर रहने, अच्छी पुस्तकें पढ़ने और परिवार में बड़े व गुरुजनों की आज्ञा का पालन करने की सलाह दी. कार्यक्रम के अंतिम पड़ाव में बच्चों को मेडिटेशन(ईश्वरीय ध्यान) करना भी सिखाया गया. इस ख़ास अवसर पर बीके योगी भाई, अजीत कुमार आदि भी उपस्थित थे.
STATE TIMES NEWS KATHUA: Bhagwan Bhai
STATE TIMES NEWS
KATHUA: Bhagwan Bhai – a prominent Bhai of Prajapita Brahma Kumaris Ishwariya Vishava Vidyalaya, Mount Abu, Rajasthan delivered a spiritual lecture at Kathua today.
As per a press release issued today, the local District Headquarter centre of Brahma Kumaris organised a simple function under the supervision of B.K Veena ji who is the District Head of Brahma Kumaris centres of District Kathua.
B.K.Veena Ji told the gathering that Bhagwan Bhai has delivered lectures in around 5,000 schools and more than 800 Jails on positive thinking and leading a simple and virtuous life. Bhagwan Bhai’s name has been included in the India Book of Records.
In the function, Bhagwan Bhai delivered lecture on the need for leading stress free life. He exhorted the gathering that we spend more time on highlighting the shortcomings of others while we don’t concentrate on our thoughts and actions. He added that we should lead simple life with little considerations of materialistic possessions. He exhorted that we must introspect on daily basis and take corrective measures so that we don’t fall prey to the wrongdoings and undesirable thoughts.
Thereafter, Bhagwan Bhai and B.K Veenaji honoured around fifteen vetern mothers who have been in active Godly service since last more than twenty five years.
Dr.Bharat Bhushan, Chief Executive Officer of Lakhanpur Sarthal Development Authority, Narinder Tangri-local hotelier and a large number of devotees were present on the occasion.
Dr.Bharat Bhushan and Narinder Tangri were honoured by the Chief Guest on the occasion. Later, special prayers and cake cutting ceremony was held.
KATHUA: Bhagwan Bhai – a prominent Bhai of Prajapita Brahma Kumaris Ishwariya Vishava Vidyalaya, Mount Abu, Rajasthan delivered a spiritual lecture at Kathua today.
As per a press release issued today, the local District Headquarter centre of Brahma Kumaris organised a simple function under the supervision of B.K Veena ji who is the District Head of Brahma Kumaris centres of District Kathua.
B.K.Veena Ji told the gathering that Bhagwan Bhai has delivered lectures in around 5,000 schools and more than 800 Jails on positive thinking and leading a simple and virtuous life. Bhagwan Bhai’s name has been included in the India Book of Records.
In the function, Bhagwan Bhai delivered lecture on the need for leading stress free life. He exhorted the gathering that we spend more time on highlighting the shortcomings of others while we don’t concentrate on our thoughts and actions. He added that we should lead simple life with little considerations of materialistic possessions. He exhorted that we must introspect on daily basis and take corrective measures so that we don’t fall prey to the wrongdoings and undesirable thoughts.
Thereafter, Bhagwan Bhai and B.K Veenaji honoured around fifteen vetern mothers who have been in active Godly service since last more than twenty five years.
Dr.Bharat Bhushan, Chief Executive Officer of Lakhanpur Sarthal Development Authority, Narinder Tangri-local hotelier and a large number of devotees were present on the occasion.
Dr.Bharat Bhushan and Narinder Tangri were honoured by the Chief Guest on the occasion. Later, special prayers and cake cutting ceremony was held.
Sunday, 17 February 2019
Thursday, 14 February 2019
राजयोगी ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने बताया कि
मुजफ्फरपुर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विवि के देश में ही नहीं बल्कि विदेशो में भी हजारों की संख्या में ध्यान केंद्र स्थित हैं. इसका मुख्य ध्यान केंद्र राजस्थान के पवित्र स्थल आबू पर्वत में स्थित हैं. यह संस्था प्रतिदिन शिक्षा, समृद्धि, ज्ञान, शांति, पवित्रता, ध्यान, आत्मचिंतन जैसे मानवीय गुणों से सम्बंधित कार्यक्रमों का आयोजन कराती हैं. ऐसा ही एक कार्यक्रम कल मुजफ्फरपुर में मुख्य ध्यान केंद्र आबू से पधारे राजयोगी भगवान भाई के सानिध्य में हुआ.
राजयोगी ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने बताया कि शिक्षा का मूल उद्देश्य मानव के संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास करना है. एवं इसके लिए हमें पहले मूल्य शिक्षा की आवश्यकता है. ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने उक्त बात शुक्रवार को किड्स कैंप इंटरनेशनल स्कूल की नरौली शाखा में नैतिक शिक्षा पर आयोजित कार्यक्रम में कही. उन्होंने आगे बताया कि जीवन में कार्यकुशलता, व्यावसायिक दक्षता, बौद्धिक विकास एवं विभिन्न विषयों के साथ आपसी स्नेह, सत्यता, पवित्रता, अहिंसा, करुणा, दया आदि मानवीय मूल्यों के पाठ भी विद्यार्थियों को पढ़ना जरूरी है.
ब्रह्माकुमार राजेंद्र भाई ने बताया कि नैतिक मूल्यों के आचरण से हम आदर्श बन सकते हैं. अगर हमने मूल्यों की धारणा को आवश्यक समझा तो हमारा जीवन अवश्य सफल बनेगा. विद्यालय के प्राचार्य चेताली दास ने बच्चों को श्रेष्ठ आचरण के लिए बुरी संगति से दूर रहने, अच्छी पुस्तकें पढ़ने और परिवार में बड़े व गुरुजनों की आज्ञा का पालन करने की सलाह दी. कार्यक्रम के अंतिम पड़ाव में बच्चों को मेडिटेशन(ईश्वरीय ध्यान) करना भी सिखाया गया. इस ख़ास अवसर पर बीके योगी भाई, अजीत कुमार आदि भी उपस्थित थे.
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